जन प्रतिनिधियों से ज्यादा समझदार, व संवेदनशील भारत के नौनिहाल बच्चे

जन प्रतिनिधियों से ज्यादा समझदार, व संवेदनशील भारत के नौनिहाल बच्चे


इस वक़्त देश क्या पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण के खतरे से जूझ रही है। पूरा देश लॉकडाउन है। हर तरह के काम काज ठप्प पड़े है। स्वास्थ्य सेवाओं की भरी कमी है। आम इंसान परेशान है और मजदूर तबके की रोटी के लाले पड़े हुए है। ऐसे में जनता के वोट पर जीतने और एश करने वाले जनप्रतिनिधि न तो संकट की गंभीरता को समझते है और न ही प्रधानमंत्री की अपील की कद्र करते है।


जब देश और प्रदेश की सरकारे लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, वहीं कुछ जनप्रतिनिधि ऐसे हैं जो खुलेआम इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिनके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का कोई मतलब नहीं है। ऐसे लोगो को न तो सरकारी आदेशों की परवाह है और न ही लोगों की सुरक्षा का ख्याल। देश में अभी लॉकडाउन चल रहा है। कोरोना कहर बरपा रहा है। सरकार ने लोगों से भीड़ न जमा करने को कहा है। लेकिन कर्नाटक के बीजेपी विधायक एम जयराम को इसकी कोई परवाह नहीं। उन्होंने तमाम बंदिशों के बावजूद अपने जन्मदिन को शाही अंदाज में मनाया। इस दौरान विधायक जी ने शाही अंदाज में भीड़ लगवाकर बिरयानी बांटी।



कर्नाटक के तुरवकेरे से बीजेपी विधायक एम जयराम ने तुमकुर के सरकारी स्कूल में अपने जन्मदिन की पार्टी रखी। इस पार्टी में गुब्बी तालुक की जनता बड़ी संख्या में आई। इस पार्टी में जनता का स्वागत बिरयानी खिलाकर किया गया। इस दौरान लोगों ने मास्क तो पहन रखे थे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की कोई परवाह नहीं की गई।


बीजेपी विधायक ने तुमकुर के गुब्बी तालुक में गांव वालों को भी अपने बर्थडे सेलिब्रेशन में शामिल किया। एम जयराम ने हाथ में ग्लव्स पहनकर एक बड़ा केक काटा। उनकी पार्टी में बच्चों सहित भारी भीड़ जमा हुई। तस्वीरों और वीडियो में मेहमान पास-पास खड़े दिखे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग भी फॉलो होता नहीं दिखा। केक के बाद गुब्बी कस्बे में बिरयानी भी बांटी गई।


यह विधायक केंद्र व प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के है। जिसका संचालन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ करता है। जो टिकिट के साथ साथ संस्कार देने का भी दावा करती है।


जबकि देश की कुछ नौनिहाल बेटियां ऐसी भी है जिन्होंने अपना जन्मदिन न मनाकर अपनी जमा पूँजी दान कर दी। ऐसी ही मिसाल ऊना के टक्का निवासी 9 साल की मन्नत सिंह ने पेश की है। बच्ची ने अपनी जेब खर्च से बचे हुए 835 रुपए संचित किये थे। उसने यह राशि कोरोना से लड़ाई के लिए दान की है।



चौथी क्लास में पढ़ने वाली मन्नत पुत्री ओंकार सिंह ने कोरोना के विरुद्ध प्रचार-प्रसार में लगे सूचना एवं जन संपर्क के वाहन को रोका और उन्हें कहा कि वह संकट की इस घड़ी में अपने जेब खर्च से बचे हुए कुछ पैसा उपायुक्त ऊना को देना चाहती है। मन्नत ने 10 और 20 रुपए के रुपये में जमा धनराशि सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कर्मचारियों को सौंपे और कहा कि इसे डीसी सर को दे दें। बाद में सूचना एवं जन संपर्क के अधिकारियों ने 835 रुपए की धनराशि उपायुक्त ऊना को सौंपी, जिस पर डीसी ऊना ने मन्नत का आभार जताया। डीसी ने कहा कि हालात संभलने के बाद वह मन्नत से मिलने उसके घर अवश्य जाएंगे।



इसी कड़ी में दूसरी मिसाल बिहार के भागलपुर की दसवीं क्लास की छात्रा शांभवी कुमारी ने भी पेश की है। लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरों समेत गरीबों के समक्ष भूखमरी के हालात पैदा होता देख इस बच्ची ने अपने बर्थ डे को खास तरीके से मनाया। संकट की इस घड़ी में उसने जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपने जन्मदिन पर खर्च करने के लिए साल भर से जमा की हुई पॉकेटमनी वाले गुल्लक को लिया और सीधे डीएम के पास भागलपुर पहुंच गयी। शांभवी ने डीएम प्रणव कुमार से उनके चैम्बर में मुलाकात कर  साल भर से जमा पॉकेट मनी को गरीब मजलूमों के सहायता के लिए अंशदान किया। डीएम ने इस पैसे को रेडक्रॉस सोसाइटी में जमा करने के निर्देश दिये। शांभवी कुमारी ने कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन को लेकर हुए हालात को देखते हुए उन्होंने जन्मदिन को उत्साहपूर्वक नहीं मनाने का निर्णय लिया और जन्मदिन पर खर्च होने वाली राशि को गरीबों में देने का निर्णय लिया।



इसी तरह की नजीर पेश की बिहटा प्रखण्ड के सदिसोपुर पंचायत के समसारा गांव के रहने वाले सतेंद्र वर्मा की पुत्री तनीषा वर्मा ने। तनीषा वर्मा अपने 14वें जन्मदिन पर आईटीआई परिसर में करीब 300 गरीबों एवं भूखे लोगों के बीच खाने का पैकेट का वितरण किया। तनीषा ने बताया कि वैसे तो हर साल पूरे परिवार और दोस्तों के साथ जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार लॉक डाउन के वजह से अपना जन्मदिन लॉकडाउन प्रभावितों के साथ मनाया, जो हमेशा यादगार रहेगी। उसके मुताबिक़ इस बार जो खुशी मिली है वह कभी नहीं मिली। जरूरतमंदो के लिए तनीषा ने खुद खाना बनाया, पैक भी क्या और उनके बीच जाकर भोजन कराया। तनीषा के इस कदम से जहां उसके पिता भी काफी खुश हैं और अपनी बेटी पर गर्व कर रहे हैं।


ऐसा नहीं है कि संकट के समय ही देश की बेटियों ने मिसाल पेश की है बल्कि इस तरह की मिसाल देश की लाडलियों ने हमेशा पेश की है। जिनमे एक नाम हैदराबाद की वरुणिका का है. जिन्होंने राज्य के नगर प्रशासन मंत्री के टी रामा राव से मिलकर जन कल्याण के लिए एक लाख रुपये दान कर दिए। उसके पिता यह पैसे उसके जन्मदिन की पार्टी पर खर्च करने वाले थे।



इसी तरह की एक और मिसाल बिहार के हसनपुर प्रखंड अंतर्गत काले नरपत नगर निवासी पत्रकार गौतम कुमार सिंह की पुत्री रिया सिंह अपने जन्मदिन को पौधा रोपण कर धरती को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने में सकारात्मक प्रयास किया।



सिर्फ इतना ही नहीं ग्लैमर की दुनिया की चकाचौंध में रहने वाली अभिनेत्री ध्वनि भानुशाली ने कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहे पर्दे के पीछे के लोगों के लिए फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया को 55 हजार रुपये दान किए।


यह तो वह मिसाले है जो देश की बेटियों ने लॉकडाउनके समय पेश की। जो वाकई काबिले तारीफ़ है। लेकिन हमारे जनप्रतिनिधियों से ज्यादा समझदार हमेशा हमारी बेटियां रही है।


जिस उम्र में बच्चे बार्बी डॉल और महंगे खिलौनी की ज़िदद् करते हैं उस उम्र में इन बच्चियों की समझदारी वाकई काबिले ताऱीफ है। इतनी छोटी उम्र में ही उनको समझ आ गया कि बर्थडे पर की गई फिज़ूलखर्ची से बेहतर है कि गरीबो की मदद की जाए।


लेकिन हमारे जनप्रतिनिधियों को कब समझ में आएगा। उक्त देश की बेटियों के जन्मदिन विधायक एम जयराम के जन्मदिन से पूर्व ही थे। लेकिन विधायक विधायक एम जयराम सबक न ले सके।